महराजगंज: आये दिन आ रहे हैं सैकड़ो बोर्ड परीक्षार्थियों के फ़ोन पर फ़र्जी कॉल, पास करने के नाम पर पैसे की हो रही माँग

यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों के मोबाइल पर इन दिनों बोर्ड कार्यालय के नाम से रोज फर्जी कॉल आ रहे हैं। जिसमे छात्रों को पास करने के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है। जालसाज बेखौफ होकर मोबाइल पर बात तो कर ही रहे हैं साथ ही अपना एकाउंट नम्बर भी दे रहे हैं। इस तरह का पहला मामला बारह मार्च को पनियरा क्षेत्र के एक विद्यालय के दो छत्रों के मोबाइल पर आया था। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया था और बताया कि बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन तो सोलह मार्च से शुरू होगा। जिसकी खबर लगभग सभी अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। 
लेकिन दो दिन बाद भी प्रसाशन द्वारा खबर को संज्ञान में नहीं लिया गया ना ही किसी तरह की कोई ठोस  कार्यवाही ही हो सकी। इससे ठगों के मंसूबे और बढ़ गए अब तो क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन विद्यालयों के सैकड़ों छात्रों के मोबाइल पर पास करने के नाम पर फ्राड कॉल आने लगे हैं। शनिवार को सोशल मीडिया पर भी इस बात की चर्चा खूब रही। एक विद्यालय के शिक्षक ने तो 'पीएस पनियरा' ग्रुप में भी इस बात की शिकायत दर्ज कराई। ठगी का प्रयास करने वाले गिरोह की जांच पड़ताल में यदि लापरवाही बरती गयी तो वह दिन दूर नहीं जब क्षेत्र के सैकड़ों तथा उत्तर प्रदेश के लाखों बोर्ड परीक्षार्थी ठगी के शिकार हो सकते हैं। अभिभावकों का कहना है कि पुलिस के उच्चाधिकारियों को चाहिए कि उक्त मामले को गम्भीरता से लेते हुए टीम गठित कर जल्द से जल्द ठगों के गिरोह को पकड़ने का प्रयास करना चाहिए। जालसाजों द्वारा यूपी बोर्ड के परिक्षार्थयों को विश्वास में लेने के लिए छात्र का नाम व उनके माता पिता का नाम भी सही सही बताया जा रहा की जिससे ये साबित हो कि फोन बोर्ड कार्यालय से ही आया है। सबसे अहम सवाल तो यह है कि ठगों को छात्रों का मोबाइल नम्बर, माता व पिता का नाम आखिर कैसे मिला?  मामला अखबारों में छपने के बाद भी किसी जिम्मेदार ने क्यो संज्ञान नही लिया? पुलिस विभाग या सतर्कता विभाग चुप क्यों है? लोगों में यहां तक चर्चा हो रही है कि ठगी करने वाले गिरोह की बहुत लम्बी पकड़ होती है तभी तो बेहिचक होकर खाता नम्बर आईएफसी कोड सब दिया जा रहा है की इस खाते में पैसा डाल दो तो पास कर दूंगा। आखिर पास करने के नाम पर कब तक आती रहेंगी ऐसी फ्राड काल । इस तरह के फ्राड कॉल आने के बाद छात्रों में दहसत वयाप्त हो जा रही है कि कहीं उनका नुकसान ना हो जाए यही कारण है कि छात्र भाग कर अपने अपने विद्यालय के कार्यालय या अध्यापकों से तत्काल सम्पर्क भी कर रहे हैं।

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