महराजगंज: इस भयावह परिस्थिति में भी नही रुक रही तस्करी की पहिया, पगडंडियों से निकल रहे तस्करों के वाहन

रिपोर्ट: प्रवीण कुमार मिश्र

महराजगंज: एक तरफ पूरे देश को लॉक डाउन कर लोगो को जागरूक किया जा रहा है और लोगों को घरो में रहने की हिदायत दी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ तस्करी का पहिया नही रुक रही है। बताते चले कि ठूठीबारी इंडो-नेपाल सीमा पर तस्करी को नया समान तस्करी करने को मिल गया है।
चीन के शहर वुहान से आई कोरोना वायरस आए जनमानस से त्राहि-त्राहि मची हुई है। सीमा से सटा देश नेपाल को सील करने के बाद इस खाने को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है। जिसको लेकर तस्करो में चाँदी ही चाँदी है। नेपाल में आलू और प्याज की तस्करी जोरो पर है। जिसे भारतीय क्षेत्र से खरीद कर नेपाल में दुगना दाम में बेचा जा रहा है।  जिसको लेकर प्रशासन भी शायद लापरवाही बरत रही है। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के राजाबरी और टड़हवा के बीच का बना पगडण्डी तस्करो के लिए सेफ रास्ता बना हुआ है। तस्कर तस्करी के समान को खेत में छुपा कर रख देते है और उधर से ग्राहक के आने का इंतजार करते है जैसे ही कोई ग्राहक मिलता है। उसको सायकिल के जरिये सीमा के उस पार भेज दिया जाता है। उन तस्करो को मनचाहा रकम मिल जाता है।

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