महराजगंज: माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों की दशा दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर, मुख्यमंत्री से तत्काल अहेतुक सहायता की मांग

माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश महासचिव आफ़ताब आलम खां ने एक ओर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फ़ैसले का स्वागत किया है कि रजिस्टर्ड मजदूरों के खाते में सहायता राशि भेजी जाएगी तो वहीं दूसरी तरफ़ प्रदेश के माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों के खाते में भी कुछ न कुछ सहयता राशि भेजे जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों के खाता नंबर व आईएफएससी कोड पहले से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों व शिक्षा निदेशक माध्यमिक के कार्यालय में फीड है। वहीं से डाटा लेकर उनके खाते में सहायता राशि भेजी जा सकती है। 
श्री खां ने कहा कि माध्यमिक वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षक 3000 से 5000 रुपये प्रति माह प्रबंधकों से मानदेय के रूप में पाते हैं। अचानक विद्यालयों में छुट्टी हो जाने से प्रबंधक भी उनको मानदेय के रूप में देने के लिए अपने आप को अक्षम पा रहे है। ऐसी स्थिति में श्री खां ने प्रदेश के सभी माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों के खाते में कम से कम 5000 रुपये अहेतुक सहायता दिए जाने की मांग की है। अगर यह मंजूर नहीं है तो जो राशि शिक्षकों के खाते में भेजी जाएगी उसे 6 माह के अंदर शिक्षकों के मानदेय से काटकर वापस ले लें। लेकिन कोरोना को लेकर अचानक हुई बंदी से भुखमरी के कगार पर पहुंचे माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों के परिवार को रोटी के अभाव में मरने से वर्तमान सरकार बचा ले। 

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