गोरखपुर: कोरोना वायरस के संदिग्ध को आइसोलेशन वार्ड में रखे जाने का सीएम ने दिया आदेश, मेडिकल कॉलेज में भी जांच शुरू

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर गोरखपुर एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में मंडलायुक्त जयंत नार्लीकर, जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन, डीआईजी रेज गोरखपुर परिक्षेत्र गोरखपुर मोडक राजेश डी राव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ सुनील गुप्ता, सीएमओ डॉ एसके तिवारी, सयुक्त आयुक्त उग्रसेन पांडेय, बीएसएं भूपेन्द्र नारायण सिंह, डीआईओएस ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, ज्वाइन्ट डायरेक्टर शिक्षा सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला अस्पताल में और मेडिकल कालेज में बेड आरक्षित कर विशेष वार्ड बना दिये जाये।
अब कोरोनावायरस की जांच गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भी शुरू कर दिया गया है जिससे विदेश से लौटे नागरिकों की लगातार निगरानी की जा सके उन्होने बताया कि   चीन वियतनाम ऑस्ट्रेलिया जापान बीजिंग लॉस एंजिल्स और बैंकॉक जैसे देशों से लौटे  सभी लोगों की निगरानी की जाये उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के लक्षण-विदेश से लौटने के बाद यदि किसी व्यक्ति में दिखें जैसे अचानक बुखार खांसी और सांस लेने में परेशानी है तो उसे तत्काल जांच करायी जाये।  विदेशों से आने वाले संदिग्ध रोगियों से संबंधित की मंडलायुक्त, जिलाधिकारी , सीएमओ के सीओजी नंबर  पर तत्काल प्रभाव से सूचनाएं दिया जाए  उक्त संदिग्ध व्यक्ति का तत्काल जांच किया जाये अगर जांच पॉजीटिव पाई जाती है तो मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाए
आगे सीएम ने कहा कि चीन से वापस लौटे व्यक्ति को एक खुले हवादार कमरे में रखे और 28 दिन तक निगरानी करें।
खांसते और छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखना चाहिए।
वार्तालाप करते समय उचित दूरी बनाए रखे।भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से परहेज करें।मुंह और नाक को छूने के बाद हाथों की अच्छी तरह से सफाई करें।मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी अस्पतालों के साथ-साथ गोरखपुर जिला और मण्डल स्तर पर कोरोना से बचाव को लेकर निर्देश दिये उन्होने सर्वप्रथम जिला और मण्डल स्तर पर टीम गठित करने के निर्देश दिये जिसमें विभिन्न विभाग के लोग रहेंगे। उनके निर्देशानुसार प्राइवेट रेलवे मिलिट्री ईएसआई और कैंट हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर से कोरोना के बचाव को लेकर निर्देश जारी किए जाए। सभी प्राइवेट अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया जाए जिन अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा उलब्ध रहे उनको चिन्हित कर उनकी एक लिस्ट बनाई जाए जिससे की आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके। जनपद स्तर पर  एंबुलेंस आरक्षित रखी जाए।

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