कुशीनगर: भाकियू (भानु) के जिलाध्यक्ष ने बन्द चीनी मील चलवाने के साथ साथ अन्य मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी को भेजा


    
रिपोर्ट- संदीप सिंह, कुशीनगर

 कुशीनगर: भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह व्हाट्सएप के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सम्बन्धित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को भेजते हुए अवगत कराएं है कि इस समय देश में कोरोना महामारी से हर एक ब्यक्ति जूझ रहा है और इस समय केंद्र और राज्य की सरकारें अपनी जिम्मेदारी बखूबी से निभा रही है इसमें कोई दो राय नही है। इस कोरोना महामारी में यदि देश में कोई बस्तु सबसे ज्यादा उपयोग में आया है तो वह है किसानों द्वारा पैदा किया गया हर एक बस्तु फिर भी हमारे देश में आजादी के 72 साल बाद भी इन किसानों की सुधि लेनें वाला कोई सरकार नही बनी बल्कि, इन्ही किसानों का उपयोग करके देश की सभी राजनैतिक पार्टी सत्ता में काबिज होकर इन्ही के साथ धोखा करने में लगी है। इस विषम परिस्थिति में इस समय मात्र एक किसान है जो देश के शीर्ष से लेकर निचे तबके के लोगों के लिये अन्न के साथ साथ अन्य बस्तुओं को पैदा कर रहा है और इन्ही किसानों के मेहनत करने से आज पूरा देश का भोजन चल रहा है। यदि कोई भी ब्यक्ति कितना भी धन दौलत रखा हो मगर वह धन दौलत नही खा सकता? वह सिर्फ किसानों द्वारा पैदा किये हुए बस्तुओं का इतेमाल करके अपना जीवन यापन कर रहा है मगर केंद्र की सरकार चंद
उधोगपतियों का कर्ज माफ करके यह दिखा दिया है कि हम या हमारी सरकार कभी भी किसानों के साथ नही है क्योंकि यदि ऐसा होता तो केंद्र सरकार सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ करने का कार्य करती? अभी कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में मदिरा (शराब) के मूल्यों में काफी बढ़ोत्तरी किया गया है मगर पिछले तीन वर्षों में योगी सरकार ने किसानों के गन्ने का समर्थन मूल्य नही बढाया? ऐसा क्यों? यदि गन्ने के रस से कुछ किस्म की शराब बनाई जाती है तो उनके मूल्य में सरकार बढ़ोत्तरी कर सकती है तो गन्ने के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी क्यों नही? 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले देश के तेजस्वी, यशस्वी प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि यदि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो हम जनपद कुशीनगर की बन्द चीनी मील को चलवाएंगे मगर इन छः वर्षों में जनपद कुशीनगर की एक भी बन्द चीनी मील को नही चलवाया गया जो अति निन्दनीय और शर्मशार है क्योकि यह वादा भारत के प्रधानमन्त्री द्वारा किया गया था कोई मामूली ब्यक्ति द्वारा नही? यदि केंद्र सरकार उधोगपतियों का कर्ज नही माफ किया होता तो उतने रूपये में जनपद कुशीनगर की ही नही अपितु देश की हर बन्द चीनी मीलों को चालू किया जा सकता था| जनपद कुशीनगर के लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील के साथ साथ रामकोला (खेतान), पडरौना, कटकुइयाँ और छितौनी बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये यूनियन के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह द्वारा मार्च 2017 से लगातार माँग किया जा रहा है| जब यूनियन के द्वारा देखा गया कि विगत चार वर्षों में जनपद की एक भी बन्द चीनी मील चलवाने की घोषणा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा नही किया गया तब 26 नवम्बर 2018 से लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने के लिये अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया जो 109 दिन लगातार चलता रहा उसके बाद भी मोदी और योगी सरकार किसानों की माँग को न मानकर यह साबित कर दिया कि हमारी पार्टी कभी भी किसान हितैषी नही हो सकती है| यदि ऐसा होता तो उधोगपतियों का कर्ज माफ करने से पहले मोदी और योगी सरकार को लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील चलवाने या यहाँ पर नया चीनी
लगवाने के लिये घोषणा कर दिए होते| लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है और इस क्षेत्र में हर वर्ष लगभग 60 से 70 लाख कुन्तल गन्ना पैदा होता है| उत्तर प्रदेश सरकार में सबसे ज्यादा किसानों की परेशानी है गन्ने का भुगतान समय से न होना| जबकि योगी सरकार का दावा है कि हमारी सरकार गन्ने का भुगतान 14 दिन में करने के लिये बाध्य है|
अपने ज्ञापन के माध्यम से यूनियन के  जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से माँग किये है कि गन्ने के रस से जो शराब बनाई जाती है उनके मूल्य में योगी सरकार बढ़ोत्तरी कर सकती है तो गन्ने के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी क्यों नही कर सकती है? योगी सरकार गन्ने के समर्थन मूल्य पेराई सत्र 2019-20 का 500/- प्रति कुन्तल निर्धारित करके चीनी मीलों द्वारा किसानों को दिलवाया जाय|लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाया जाय या यहाँ पर नया चीनी मील लगवाया जाय। सरकार द्वारा तत्काल किसान आयोग का गठन किया जाय और उसमें सिर्फ किसानों की ही भागीदारी सुनिश्चित किया जाय|
देश के सभी किसानों के सभी प्रकार के कर्जे माफ किये जाय|
केंद्र सरकार स्वामीनाथन आयोग को अबिलम्ब घोषणा करें और किसानों को अपने फसलों के समर्थन मूल्य खुद तय करने का अधिकार मिले| जनपद कुशीनगर की चालू मीलें कप्तानगंज, रामकोला (पंजाब), ढाड़ा, सेवरही, खड्डा और जनपद गोरखपुर की पिपराईच चीनी मील का गन्ने का भुगतान योगी सरकार 14 दिन में कराने का ब्यवस्था सुनिश्चित करे जो किसान हित में होगा| अन्त में यूनियन के जिलाध्यक्ष ने ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि यदि उपरोक्त माँगों के ऊपर त्वरित कोई कार्यवाही नही किया गया तो हमारा यूनियन किसान हित में कोई भी बड़ा निर्णय लेने के लिये वाध्य होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी|

Comments