महराजगंज: राशन के बदले मिली धमकी, प्रशासन से न्याय की गुहार

रिपोर्ट- किशन गुप्ता

महराजगंज: कोरोना महामारी के चलते आम जनमानस को भुखमरी से बचाने के लिए सरकारी फ़रमान के अनुरूप जिला प्रशासन खाद्यान वितरण के लिए सोशल डिस्टेन्सिंग का शत प्रतिशत पालन कराने की कोशिस कर रहा है।
फरमान के तहत निःशुल्क राशन बट रहा है। लेकिन कुछ कोटेदारों द्वारा इसकी धज्जी उड़ाई जा रही है। भीड़ से बचने के लिए यदि कोई उपभोक्ता दूसरे दिन जा रहा तो उसे राशन के बदले धमकियां मिल रही हैं। मिठौरा विकासखण्ड के ग्राम सभा बड़हरा मीर की घटना है।
उस गांव के निवासी शेषनाथ पुत्र पन्नेलाल ने इस तरह का आरोप कोटेदार पर लगाया है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि भीड़ से बचने के लिए कोटेदार से राशन के विषय में बात किया। कोटेदार अगले दिन राशन के लिए बुलाया।
मौके पर पहुंचने पर कोटेदार स्टॉक समाप्त होने की बात कह कर राशन नही दिया। जब उपभोक्ता राशन प्राप्त करना अधिकार बताया तो कोटेदार विभागीय पैठ बता कर देख लेने की बात कही। समझ में नही आता कि जब उपभोक्ता राशन लिया नही तो स्टॉक समाप्त कैसे हो गया? अब तो जब अंगूठा लगाना होता है तो इसमें कोई झूठ भी नही कह सकता। ख़ैर यह तो जांच का विषय है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि आरोप में कितना दम है? वैसे जबसे निःशुल्क राशन बट रहा है तबसे कोटेदारों की धमकी भरे शब्द तेज हो गए हैं।

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