गोरखपुर: पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, फर्जी पास के खेल का किया भंडाफोड़, दो को किया गिरफ्तार



रिपोर्ट- संदीप सिंह

गोरखपुर: गोरखनाथ थाने की पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जन सेवा केंद्र की आड़ में फर्जी पास बनाने के खेल का भंडाफोड़ किया गया है। वही इस फर्जी पास बनाने में लिप्त 2 को गिरफ्तार भी किया है।
आपको बता दें कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर गौरव सिंह सौगरवाल ने गोरखनाथ थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह को निर्देशित किया गया था कि गोरखनाथ थाना क्षेत्र के चक सा हुसैन मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद सरवर आलम जोकि मछली बेचने का काम करता है, उसके पास फर्जी पास है। इसका सत्यापन किया जाए। इसके लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के कार्यालय से पत्र संख्या 1607 जारी भी किया गया था। पत्र मिलते ही गोरखनाथ क्षेत्राधिकारी प्रवीण सिंह के पर्यवेक्षक में एक टीम गठित की गई जिसमें गोरखनाथ थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह, सब इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर परविद्र कुमार राय, कांस्टेबल आशुतोष राय, हेड कांस्टेबल हरिपाल गुप्ता, के द्वारा मोहम्मद सरवर को मछली बेचते हुए गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मोहम्मद सरवर ने पुलिस को बताया कि उसको एक फर्जी पास फिरोज आलम पुत्र स्वर्गीय अली असगर निवासी चक सा हुसैन थाना गोरखनाथ जिला गोरखपुर के द्वारा बनाया गया है। पुलिस ने फिरोज आलम को उसके घर से गिरफ्तार किया। फिरोज आलम घर पर ही जन सेवा केंद्र चलाता था पुलिस द्वारा फर्जी पास में इस्तेमाल होने वाले उपकरण को भी बरामद किया गया है ।पूछताछ में फिरोज आलम ने बताया की अधिक पैसे की लालच में उसने फर्जी पास बनाने का काम शुरू किया। उसके द्वारा गोरखनाथ क्षेत्र के शकील ,इरफान और एक अन्य लोगों का भी फर्जी पास  बनाया गया है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है की फिरोज आलम के द्वारा अब तक कितने लोगों के फर्जी पास बनाए गए हैं।
यह बताते चलें कि देश में जबसे लाॅक डाउन लगा है तब से लेकर अब तक जिला प्रशासन के द्वारा जरूरी चीजों के लिए ही पास जारी किया है। वही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सूचना मिली थी कि मछली बेचने वाले के पास भी ई-पास है हालांकि जिला प्रशासन के द्वारा किसी भी मछली बेचने वाले को किसी भी तरह का कोई भी पास जारी नहीं किया गया है। कुछ लोगों द्वारा इस लाॅक डाउन में फर्जी पास बनाने का खेल खेला जा रहा है। पुलिस अब पूरी तरह से फर्जी पास के खेल में शामिल लोगों की धरपकड़ में सक्रिय हो गई है। यहां यह भी बताते चलें कि अभी कुछ दिन पहले ही तिवारीपुर थाने की पुलिस ने भी फर्जी ईपास बनाने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया था।

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