महराजगंज: कई महीनों से बंद पड़े धार्मिक स्थलों का आज खुला कपाट, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

रिपोर्ट- अभय तिवारी

महराजगंज: कई महीनों से बंद पड़े धार्मिक स्थलों का कपाट आज से खुल गया है। जिसके बाद मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और एक अलग ही नजारा देखने को मिला।
कोरोना नामक वैश्विक महामारी से इस समय पूरा देश जूझ रहा है। ऐसे में देश के लोग ही नहीं बल्कि धार्मिक स्थलों पर भी प्रभाव पड़ा था। जिसके चलते सरकार को भी सख्त कदम उठाने पड़े थे। लेकिन अब सरकार द्वारा कई नियम व शर्तों के साथ मंदिर, मस्जिद वह कई धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति मिल गई है। जिसके चलते आज धार्मिक स्थलों को खोलने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी लगी जैसे कि कोई मेला लगा हो।
लेकिन मंदिरो के महंत द्वारा कड़ी व्यवस्था के साथ पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के पुजारी द्वारा यह नियम बना दिया है कि मंदिर में एक साथ चार या पांच से अधिक लोग नहीं प्रवेश करेंगे। मंदिरो में थर्मल स्क्रीनिंग के साथ सैनिटाइजर का भी इंतजाम किया गया है।
कोरोना वायरस ने जीवन जीने का अंदाज ही नहीं बदला, देव पूजन के तौर तरीके भी बदल दिए हैं। सामूहिकता का केन्द्र कहे जाने वाले देवालयों में सोशल डिस्टेंस बनाकर एक समय में केवल पांच भक्त ही देव दर्शन करेंगे। वहीं प्रतिमा स्पर्श की सख्त मनाही होगी। न ही प्रसाद वितरण होगा।
फरेंदा तहसील स्थित आद्रवासिनी प्राचीनतम लेहड़ा देवी मंदिर, पकड़ी जंगल में स्थित बहुत ही पुरानी बोकड़ा देवी मंदिर व आदि मंदिरो का कपाट खोला गया। मंदिर खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी। सुबह होते ही श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे थे। धीरे-धीरे मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही थी। ऐसे में कुछ श्रद्धालु मन्नत पूर्ण करने के लिए मंदिर परिसर में आए हुए थे और मंदिर में दर्शन कर अपने अपने घरों को लौटे।

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