महराजगंज: सावन के पहले सोमवार को शिव भक्‍तों में दिखी आस्था, हर-हर महादेव से गूंजा शिवालय

रिपोर्ट- प्रवीण मिश्र

महराजगंज: सावन माह के पहले सोमवार को ठूठीबारी कस्बा में स्थित शिव मंदिर में भक्तों की आस्था दिखी पर  भीड़ ये बता रहा है कि भक्तों पर कोरोना का संकट छाया हैं। शिव भक्तों ने वैशविक महामारी कोरोना को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का प्रयोग करते हुए शिवालय में हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच शिवलिंग पर जलाभिषेक कर देश मे फैली महामारी से निजात व सुख-समृद्धि का कामना किया।

मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही से जलाभिषेक कर बेलपत्र, चावल व पुष्प से भोलेनाथ का पूजा-अर्चना किया।


भोलेनाथ को क्यो प्रिय हैं श्रावण मास?
पंडित दयाशंकर पाठक जी ने बताया कि श्रावण मास व शिव का भारतीय संस्कृति से गहरा मेल है। श्रावण के आते ही शिव भक्तों में पूजा अर्चना के लिए नई उमंग का संचार हो जाता है। शास्त्रों और पुराणों का कहना है कि श्रावण मास भोले बाबा को अत्यंत प्रिय है। इस माह में शिव अर्चना के लिए प्रमुख सामग्री बेलपत्र और धतूरा सहज सुलभ हो जाता है। शिव ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा-अर्चना की सामग्री के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती। अगर कोई सामग्री उपलब्ध न हो तो जल ही काफी है। भक्ति भाव के साथ जल अर्पित कीजिए और भगवान शिव प्रसन्न।

जलाभिषेक करने से होती हैं सभी मुरादे पूरी।
श्रावण मास में भगवान शंकर की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। साथ ही सोमवार को भोले बाबा का प्रिय दिन भी माना जाता है। इसलिए श्रावण मास के सोमवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस महीने प्रत्येक सोमवार भगवान शिव का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस महीने में लघुरुद्र, महारुद्र या अतिरुद्र पाठ को कर हर सोमवार शिव का व्रत करना चाहिए। पूजा के दौरान जलाभिषेक किया जाता है। जिससे भक्तो की मुराद पूरी होती हैं।


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