कुशीनगर: स्वरूपानंद सरस्वती के कथन पर भड़की भाजपा नेत्री, की आलोचना

रिपोर्ट- संदीप सिंह

कुशीनगर: राम मंदिर की भूमि पूजन की तिथि को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए निकाली गई तिथि पाँच अगस्त को अशुभ बताए जाने पर कुशीनगर की वरिष्ठ भाजपा नेत्री सुनीता सिंह गौड़ ने चुनौती दी है कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती यह सिद्ध करे कि भाद्रपद का मास अशुभ होता है।

उन्होंने यह कहा की भादो में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। जिस माह में देवता अवतार लेते हैं उस माह को शुभ माना जाता है। किसी भी मंदिर का भूमि पूजन होने के बाद सभी ग्रह नक्षत्र अनुकूल हो जाते हैं। आगे उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म के प्रमुख रूप से दो अवतार माने गए हैं। भगवान राम का अवतार चैत्र माह में हुआ था और यह संपूर्ण माह शुभ होता है। वही भगवान कृष्ण का अवतार भाद्रपद में हुआ था और संपूर्ण भादो मास पवित्र होता है। इस माह में सभी ग्रह नक्षत्रों को अनुकूल होते हैं। इस माह में किए गए किसी भी कार्य को हानिकारक नहीं कहा जा सकता है। साथ ही मंदिर का निर्माण होना है, इसलिए मंदिर के निर्माण की तिथि उसी समय शुभ मानी जाती है, जिस समय उसकी आधारशिला रखी जाती है जो भी शीला भगवान राम की भूमि पूजन में रखी जाएगी, वह मंदिर निर्विघ्नं पूर्वक भव्य और दिव्य बनकर जल्दी तैयार होगा सुनीता सिंह गौड़ जी ने यह भी कहा कि स्वामी स्वरूपानंद एक बार फिर से अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लग गए हैं, स्वरूपानंद सरस्वती कांग्रेस के सहारे पर मंदिर निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।


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