महराजगंज: असामाजिक तत्वों की अश्लील हरकतों से आजीज, पुलिस अधीक्षक व दारोगा से न्याय की गुहार

लज्जा नारी की आभूषण पर जब किसी का कुठारा घात हो तो स्त्री जाति पर क्या बीतेगा सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है, वह भी जब घर में सयानी अविवाहित लड़की हो तो...


महराजगंज: ये पंक्तियाँ महिलाओं पर ढाहे जा रहे जुर्म से सम्बंधित उपन्यास के अंश नही बल्कि महाराजगंज जनपद के पनियरा थानान्तर्गत ग्राम सभा जड़ार की सच्ची घटना है। उक्त गाँव की निवासिनी गायत्री देवी पत्नी हीरामन प्रसाद ने थाना प्रभारी पनियरा को एक लिखित शिकायती पत्र देकर मामले से अवगत कराया।शिकायती पत्र के जरिये पीड़िता ने बताया कि गत पांच सितम्बर को सुबह करीब नौ बजे पुरानी जमीनी विवाद व रंजिश को लेकर गाँव के करीब आधा दर्जन लोग उसके घर आ धमके तथा अपशब्दों की बौछार करने लगे प्रार्थिनी शोर-शराबा सुन कर बाहर निकली तबतक भीड़ गाली गलौज पर उतर आई, तभी उसकी बालिग अविवाहित लड़की बाहर निकली तो भीड़ के उक्सावे में आकर एक लड़का अश्लील हरकतें करने लगा।

उसका नग्न प्रदर्शन देख कर लड़की शर्मसार हो गयी और सिर झुकाते हुए घर में जाकर फफक फफक कर रोने लगी। समझाने के बावजूद लड़की डरी व सहमी हुई है कि कहीं उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाए। बात भी सही है ऐसा नही है कि इस तरह अश्लील हरकतें पहली बार हुई है, प्रायः होता रहता है। लड़की भविष्य को लेकर चिंतित है। मामला लिखित शिकायती पत्र के जरिये पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक भी पहुँच चुका है।

आपबीती बताते हुए फफक कर रो पड़ी पीड़िता

गत पांच सितंबर को अपने साथ हुई घटना पर चर्चा करते हुए पीड़ित गायत्री देवी फफक कर रो पड़ी। उनका कहना था कि उनका घर बौद्ध विहार के सटे बगल में है दोनों के बीच में पांच फ़ीट का रास्ता था जिसे जबरन दीवार चला कर बौद्ध विहार के सदस्यों ने कब्जा कर लिया जिससे रास्ता अवरुद्ध है। उनका यह भी कहना था कि उसी दीवार पर बैठ कर गांव के कुछ मनबढ़ किस्म के लोग प्रायः अश्लील हरकतें करते रहते हैं। देर रात तक मोबाइल से आवाज तेज कर के अश्लील गाने भी सुनते रहते हौ। जिनसे उनकी सयानी लड़कियों पर बुरा असर पड़ता है। वह इसे लेकर चिंतित रहती हैं और नींद नही आती। वे अपनी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मनबढ़ों के खिलाफ़ कार्यवाही की मांग करती हैं।

 

कहीं मामले की तह में पुरानी रंजिश तो नहीं...

इस तरह की हरकतों से एक संशय को दरकिनार नही किया जा सकता। पीड़िता की बालिग लड़की का बयान गौर से सुनिए तो मामले की तह में पुरानी रंजिश नजर आता है। रंजिश यह है कि पीडिता के घर के सामने पांच फीट चौड़ा रास्ता है। रास्ते के दूसरी तरफ ग्राम समाज की जमीन पर एक पक्ष द्वारा बुद्ध विहार की चाहर दीवारी लगा लेकिन बाद में प्रशासन द्वारा शिकायत मिलने पर गिरा दिया गया। वहां मूर्ति स्थापित करने हेतु चबूतरा भी बना पड़ा है। मामला विवादित है फैसला आने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाया गया है। इस दीवार व चबूतरे पर आये दिन गाँव के कुछ अराजक तत्व इस तरह की हरकतें करते रहते हैं। गरीबी की दुश्वारियां झेलने के कारण पीड़िता का परिवार अपने घर की चाहर दीवारी लगा कर सुरक्षित होने में असमर्थ है।जिसके कारण उसके घर के परिसर से इस तरह का नग्न चित्रण देखने को मिलता है। पीड़िता की लड़की सिविल से डिप्लोमा कर के अन्यत्र नौकरी करती थी। कोरोना महामारी के कारण वह अपने घर आई हुई है। जबसे आई है तभी से यही खेल चल रहा है।




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