लखनऊ: कृषि बिल को लेकर भारत किसान यूनियन के चार मांगों पर मुख्यमंत्री योगी ने दिया आश्वासन

लखनऊ: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के नेतृत्व में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल को सीएम ने चार प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन दिया है। 
श्री योगी ने साफ-साफ कहा कि प्रदेश में एमएसपी के नीचे खाद्यान्नों की खरीद नहीं होने दी जाएगी। दूसरा यह कि तीनों अध्यादेश के तहत राज्य में मंडियों तथा निजी क्षेत्र के बीच प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी ताकि किसानों को उनके उत्पादों का अधिक से अधिक मूल्य मिल सके। 

इसमें यह ध्यान रखा जाएगा की एमएसपी से नीचे कोई भी उत्पाद नहीं बिक सके। तीसरे बिंदु पर मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जहां भी धान-गेहूं या अन्य उत्पादों के क्रय केंद्र कम हैं वहां क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने पराली को लेकर कृषि विभाग द्वारा जारी उस आदेश में संशोधन करने का आश्वासन दिया है जिसके तहत कंबाइन मशीन में पराली को खेत में ही समाहित करने के लिए कंबाइन के साथ कुछ अतिरिक्त यंत्रों को लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। दूसरी तरफ भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार पीछे के रास्ते से किसानों के समर्थन मूल्य का अधिकार छीनना चाहती है। जिससे देश का किसान बर्बाद हो जायेगा। मण्डी के बाहर खरीद पर कोई शुल्क न होने से देश की मण्डी व्यवस्था समाप्त हो जायेगी। सरकार धीरे-धीरे फसल खरीदी से हाथ खींच लेगी। किसान को बाजार के हवाले छोड़कर देश की खेती को मजबूत नहीं किया जा सकता। इसके परिणाम पूर्व में भी विश्व व्यापार संगठन के रूप में मिले हैं। भारतीय किसान यूनियन इस हक की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ेगी। सरकार अगर हठधर्मिता पर अडिग है तो किसान भी पीछे हटने वाला नहीं है। 25 सितम्बर को पूरे देश का किसान इन बिलों के विरोध में सड़क पर उतरेगा।


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