प्रतापगढ़: सत्तर वर्षीय महिला के मातम में सरीक होने पहुंचा बंदरों का झुंड, गांव में बना चर्चा का विषय

प्रतापगढ़: लालगंज कोतवाली थाना क्षेत्र से एक अजीबो गरीब मामला उभर कर आया है। बताते चलें कि स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलहा गांव में एक सत्तर वर्षीय महिला की मौत हो गयी। जिसके बाद बन्दरों का एक झुंड महिला की मौत के अतिंम दर्शन और मातम में सरीक होने पहुंच गया। इतना ही नहीं इंसानों के साथ बंदरों का भी तकरीबन दो घंटे तक मातम चलता रहा। बंदरों का मातम इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दैवीय चमत्कार मानते हुए ग्रामीणों ने बंदरों को बिस्कुट भी खिलाया। हम बता दें आपको कि गांव और रिश्तेदार के लोग अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। परिजन उनके जाने के गम में रो रहे थे। इसी बीच आठ-दस बंदरों का एक झुंड वहां पहुंच गया। बंदर वृद्ध महिला के शव के चारों तरफ बैठे गए। वहीं ग्रामीणों ने दैवीय चमत्कार मानते हुए बंदरों को बिस्किट खिलाया, उसके एक घंटे बाद लंगूर- बंदरों का झुंड वहां से वापस चला गया। मृतक महिला शिवपति देवी बेलहा गांव में भक्तिन नाम से चर्चित थी और पूजा-पाठ के प्रति जबरजस्त आस्था रखती थी। जिसके कारण मातम में सरीक हुए बंदरो को ग्रामीण भगवान के आशीर्वाद से जोड़कर देख रहे है। उनका कहना है कि भगवान ने खुद बन्दरों के झुंड के रूप में महिला के अंतिम दर्शन के लिए आए थे। 


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