कुशीनगर: लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने की माँग को लेकर भाकियू (अम्बावता) ने दर्जा प्राप्त राज्य मन्त्री को सौपा ज्ञापन

रिपोर्ट- संदीप सिंह


कुशीनगर: बताते चले लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी मिल लगवाने के लिये किसानों द्वारा लगातार माँग किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि मिल को चलवाने के लिये तीन महीने से ज्यादा धरना प्रदर्शन किया गया था। लक्ष्मीगंज चीनी मील बन्द हो जाने के वजह से इस क्षेत्र का किसान बदहाली और भूखमरी के कगार पर पहुँच चुका है। विगत वर्षों में लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने या नया चीनी मिल लगवाने के लिये के लिये किसी भी पार्टी के नेताओं द्वारा आवाज नही उठाया गया जबकि इसी किसानों के सहारे सरकार बनती और बिगड़ती है।

इस क्षेत्र में किसानों की मुख्य फसल गन्ना ही है और आमदनी भी इसी गन्ने पर टिकी हुई है। इन्ही सब बातों को लेकर वेटरनस एसोसिएशन, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह द्वारा एक ज्ञापन अतुल सिंह, दर्जा प्राप्त राज्य मन्त्री को सौपते हुए अवगत कराये है कि लक्ष्मीगंज परिक्षेत्र में लगभग 7 हजार हेक्टेयर भूमि में हर वर्ष 55 से 65 लाख कुन्तल गन्ने की पैदावार होती है। अगर क्षेत्र के आकलन और गन्ना उत्पादन से चीनी मीलें संचालित होती है तो लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मीलों को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी मील लगवाने की पहल योगी जी को पिपराईच में नया चीनी मिल लगवाने से पहले लक्ष्मीगंज में करना चाहिए था? इस चीनी मील के पास इतनी जमीन खाली है जहां पर एक नही दो दो नयी चीनी मीलें लगवाई जा सकती है। आगे श्री सिंह ने दर्जा प्राप्त राज्य मन्त्री से माँग किये है कि लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मील को चलवाने या यहाँ पर नया चीनी मील लगवाने में अपनी अहम भूमिका निभावें जो इस परिक्षेत्र के किसानों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर यूनियन के तहसील अध्यक्ष रामप्यारे शर्मा मौजूद रहे।


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