महराजगंज: जिन पर टिकी देश के भावी कर्णधारों के भविष्य की जिम्मेदारी, उनकी ऐसी करतूत

👤बी.के. द्विवेदी

महराजगंज: जिन पर देश के भावी कर्णधारों के भविष्य की जिम्मेदारी टिकी हो। समाज का वह दर्पण जब स्वयं गलत आदत में पड़ जाए तो फिर समाज का किस तरह सुधार हो पाएगा सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। विद्या के पवित्र मंदिर में शिक्षा का अलख जगाने वाला प्रधानाध्यापक, जिनके नेतृत्व में अध्यापक गण अपने शिष्यों के अंदर से अंधकार को दूर करके प्रकाश समाहित करने का जिम्मेदारी लिए हुए हैं। जब नेतृत्व कर्ता ही गलत करतूत करें तो समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा। बीएसए कार्यालय में लेदवा प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक की करतूत समूचे क्षेत्र में निंदनीय बना हुआ है। नशे में धुत होकर गुरुजी का अपने ही अधिकारी बीएसए के कार्यालय में तोड़फोड़ करना शिष्यों को किस तरह का सीख देता होगा बताने लायक नहीं। समझ में नहीं आता जब समाज के सुधारक कहे जाने वाले शिक्षकों की यह दशा होती जाएगी तो फिर समाज किस ओर करवट लेगा आसानी से समझा जा सकता है। नशाखोरी समाप्त करने के लिए समाज के दर्पण शिक्षकों को समझाने की जरूरत होती है और जब वे स्वयं इसकी गिरफ्त में आकर शराब के नशे में रहेंगे तो फिर दूसरे को इस तरह की शिक्षा देंगे उनकी यह करतूत चिंतनीय है। 

आखिरकार पुलिस के गिरफ्त में हुए गुरुजी
गुरु जी का यह तांडव देख प्रभारी बीएसए आजीज आ गए और आखिरकार सदर कोतवाल को दूरभाष के जरिए इसकी सूचना देनी ही पड़ी। सूचना पाकर सदर कोतवाल ने चौकी इंचार्ज को मौके पर भेजा जहां गुरु जी का तांडव देख चौकी इंचार्ज भौचक्का रह गये और समाज के इस दर्पण को गिरफ्त में लेकर मामले को शांत कराये। यह बात दीगर है गुरुजी पर कानूनी शिकंजा कस सकता है लेकिन उनकी यह करतूत चौतरफा निंदनीय है।


[ हिंदी एक्सप्रेस न्यूज़ के एंड्राइड ऐप को डाऊनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें, आप हमें फेसबुकट्विटरयूट्यूब और इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं। ]

Comments