महराजगंज: अधूरी रह गई ख्वाहिशें, सुहागरात के दिन प्यार की बजाय हुई मारपीट

महराजगंज: एक लंबे अरसे तक अपने मां-बाप की गोद में लिपटी रहने वाली लड़की को बड़ी होने पर सुंदर विवाह व प्यार देने वाले पति की तमन्ना रहती है। इसी तमन्ना के साथ जब उसकी शादी होती है और वह अपने माता-पिता के आंगन को छोड़कर पूरी जीवन साथ निभाने वाले प्यारे पति के पास पहुंचती है तो उसके पति के साथ पहली रात सुहाग के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। भूत-भविष्य-वर्तमान की बातें दोनों मिलकर साझा करते हैं। ढेर सारी प्यार भरी ख्वाहिश होती है लेकिन जब किसी दुल्हन के साथ सुहागरात के दिन प्यार की बजाय उसके पति द्वारा मारपीट की घटना को अंजाम दिया जाए तो उस पर क्या बीतता होगा सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता और जब उस रात को दुल्हन द्वारा किसी पर पुरुष से मोबाइल के जरिए होने की बात पति को सुनने को मिले तो उस पर क्या बीतेगा हम स्वयं जान सकते हैं। फिर भी यह तो पुष्टि होने की बात है लेकिन यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामला पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के मदरहना गांव के ककटही टोला की है। बीते 15 दिसंबर की रात उस गांव के विशाल नामक नवयुवक सात फेरे लेने वाली नवविवाहिता को अपनी दुल्हन बनाकर घर लाया। रात को सुहागरात में ना जाने दोनों में क्या हुआ जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरी जानकारी के लिए आगे पढ़े पूरी ख़बर।

प्यार भरी बातों की बजाए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में हुई मारपीट
माता पिता के आंगन से प्यारे पति के घर आने के बाद नवविवाहिता को यह ख्वाहिश थी उसके साथ सात फेरे लेने वाले पूरे जीवन खुशी संगिनी बनाने वाले प्यारे पति के साथ बिस्तर पर ढेर सारी प्यार भरी बातें होंगी लेकिन उसकी अरमान चकनाचूर हो गया और दोनों में कहासुनी के साथ मारपीट की घटना भी हो गई। दुल्हन का आरोप है कि उसका पति परिजनों के दबाव के बावजूद उसके कमरे में जाने से कतरा ने लगा। बहुत दबाव के बाद गया तो अपशब्दों की बौछार करने लगा विरोध करने पर मामला कहासुनी से लेकर मारपीट में तब्दील हो गई । वह पुरंदरपुर थाने में तहरीर देकर पति द्वारा की गई पिटाई के जख्म ही दिखाते हुए दहेज की मांग को कारण बता रही थी दूसरी तरफ पति का आरोप है कि उसकी दुल्हन नवविवाहिता उस रात किसी पर पुरुष से मोबाइल के जरिए बात कर रही थी जो भी हो , जांच का विषय है लेकिन पुलिस मुकदमा पंजीकृत कर मामले की तहकीकात में लगी है। दुल्हन मायके में सूचना देकर अपनी सारी ख्वाहिशों को दरकिनार कर माता-पिता की आंगन चली गई। 

       
धूमिल होती परंपराएं, गिरते संस्कार
जहां एक तरफ शिक्षा का स्तर बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ हमारे संस्कारों में गिरावट आ रही है जिसके कारण हमारी पुरानी परंपराएं धूमिल होती जा रही है, समाज के लिए चिंतनीय है हमारी परंपराओं को कलं उसकित कर रही हैं इसी तरह की घटनाएं होती रही तो हम साथ खेलने के बाद भी एक दूसरे के संबंधों को किस हद तक स्थाई मान सकते हैं समझा जा सकता है कहीं न कहीं सभ्यताओं की गिरावट की बात है।


[ हिंदी एक्सप्रेस न्यूज़ के एंड्राइड ऐप को डाऊनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें, आप हमें फेसबुकट्विटरयूट्यूब और इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं। ]

Comments