लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पहले होगा पंचायती चुनाव, फिर होगी बोर्ड परीक्षा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। इसके लिए सभी तैयारियां जोरों पर हैं। ऐसा माना जा रहा है कि 15 मार्च से 30 मार्च के बीच पंचायत चुनाव संपन्न हो सकते हैं। तो वही प्रदेश सरकार ने यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं पंचायत चुनाव के बाद आयोजित करने का फैसला लिया है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की माने तो अभी पंचायत चुनाव के प्रस्तावित कार्यक्रमों का इंतजार है।

10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तारीखों पर भी फैसला जल्दी आ जाएगा। इंस संबंध में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में 14 जनवरी को एक बैठक होगी जिसमें यह फैसला लिया जाएगा। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की माने तो अभी पंचायत चुनाव के प्रस्तावित कार्यक्रमों का इंतजार है और चुनाव कार्यक्रम के आधार पर ही बोर्ड परीक्षा की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को पंचायत चुनाव के लिए मतदान केंद्र बनाया जाएगा और शिक्षकों की ड्यूटी भी चुनाव में लगेगी, ऐसे में बोर्ड परीक्षा है पंचायत चुनाव के बाद ही आयोजित की जा सकेंगी।

बता दें कि यूपी में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे। इसके लिए 15 जनवरी तक नोटिफिकेशन आ जाएगी। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 14 जनवरी तक परसीमन का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद आरक्षण का काम पूरा किया जाएगा।

गौरतलब है कि अब तक ग्राम पंचायत सीटों पर आरक्षण निर्धारण जनपद मुख्यालय स्तर पर होता था। मगर इस बार ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा बीडीसी, प्रधान और जिला पंचायत सदस्यों की सीटों पर आरक्षण की ऑनलाइन व्यवस्था लखनऊ से तय होगी।

पंचायतों में आरक्षण लागू करने के लिए राजस्व ग्रामों की जनसंख्या का आकलन किया जाएगा। पांच साल पहले चुनाव के समय ग्राम पंचायत की क्या स्थिति थी, वर्तमान में क्या स्थिति है उसी आधार पर तय होगा कि उस ग्राम पंचायत की सीट किस प्रत्याशी के लिए आरक्षित होगी। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं।


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