महराजगंज: दुर्विजय हत्याकांड का खुलासा, पिता और भाई के साथ मिलकर प्रेमिका ने कराई थी प्रेमी की हत्या

👤 रिपोर्ट- बी.के. द्विवेदी

महराजगंज: प्रेम के वशीभूत होकर प्रेमी-प्रेमिका का जान गवाना तो कई बार सुनने को मिला है लेकिन प्रेमिका द्वारा धोखे से प्रेमी को बुलाकर भाई व पिता के साथ पीट-पीटकर बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर देना और प्रेम के साथ धोखा देना कम ही सुनने को मिलता है। इसे कर दिखाया है बृजमनगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरा जीतपुर बंधे पर हुई प्रेमी की हत्याकांड ने। गत 28 दिसंबर को इस बन्धे पर परसा मलिक थाना क्षेत्र के असुरेना टोला कुकेसर निवासी दुर्विजय की लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबाकर हत्या बताई गई थी। सर्विलांस के जरिए जांच में पता चला कि दुर्विजय की गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के टोला गौरा की रहने वाली श्यामा नाम की लड़की से मोबाइल के जरिए लंबी बातें हुआ करती थी। जांच में यह भी जानकारी हुई कि प्रेमी मृतक मुंबई में श्यामा के पिता संजय सिंह व उसके भाई शेरू सिंह उर्फ अभय सिंह के साथ ट्रेलर ट्रक चलाता था। जांच में यह भी सच्चाई सामने आयी कि एक बार संजय मृतक के मोबाइल से अपनी बेटी श्यामा के मोबाइल नंबर पर फोन किया था। बाद में जब श्यामा उस नंबर पर मिस्ड कॉल की तो उसके बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हो गई। यह बात पिता संजय को अच्छी नहीं लगी। गत 27 दिसंबर को श्यामा दुर्विजय अर्थात अपने प्रेमी को फोन करके मिलने के लिए बुलाई। जब प्रेमी प्रेमिका के बुलाने पर खिड़की के रास्ते कमरे में घुसा तो प्रेमिका ने शोर मचाना शुरू कर दिया और परिजनों ने दौड़ाकर पकड़ लिया।

खंभे में बांधकर की बेरहमी से की पिटाई, फिर घोंट दिया गला
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि प्रेमी दुर्विजय को पकड़ने के बाद प्रेमिका श्यामा ने अपने पिता व उसके भाई के साथ मिलकर खंभे में बांध दिया और बेरहमी के साथ जमकर पिटाई की। फिर भोर में दुर्विजय को बाइक पर बीच में बैठा कर धानी खड़खड़िया पुल होते हुए बंधे पर पहुंचे जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया गया।

प्रेमिका, पिता व भाई को हुई जेल
एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस प्रकरण में बृजमनगंज पुलिस ने धारा 302, 201, 120 बी व 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके दुर्विजय हत्याकांड में आरोपित संजय सिंह, शेरू उर्फ अभय सिंह व श्यामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ में उन लोगों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। बृजमनगंज थानाध्यक्ष संजय दुबे, एसआई श्रवण सिंह, कांस्टेबल शिवेंद्र शाही, सुशील उपाध्याय, रतन जायसवाल, अजय कुमार व महिला कांस्टेबल विनीता यादव ने चौराहे से रविवार को सुबह 8:30 बजे इन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

प्रेम में धोखा, सबक सीखने की जरूरत
दुर्विजय हत्याकांड में प्रेमिका ने धोखे से प्रेमी को बुलाकर जिस तरह बेरहमी से पीट-पीटकर रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दिया। उससे भावी प्रेमियों को सबक सीखने की जरूरत है। तमाम युवा पीढ़ी इस तरह प्रेम के जाल में फंस कर अपनी जान गवांते जा रहे है। इस हत्याकांड से उन्हें इस जाल से उबरने की जरूरत है।


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