महराजगंज: अब तक पकड़ से दूर इनामी जालसाज, खाली हाथ पुलिस

महराजगंज: सूबे में कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने का दावे करने वाली योगी सरकार में किसानों के साथ जालसाज करने वाला ठग लगभग एक हफ्ता बीतने के बावजूद भी पुलिस पकड़ से दूर है। हालांकि इस ठग पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने पचीस हजार का इनाम घोषित किया है। बताते चलें कि लगभग हफ़्ते भर पहले सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के शिकारपुर चौराहे पर स्थित एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। जिसमें किसानों के साथ जालसाजी करने की पुष्टि खबर मिली थी। किसानों के नाम से एक बैंक में खाता खोलकर करोड़ों रुपए धान की फर्जी तौर पर भेजने का सबूत मिला था। जिसके तहत तीन गिरफ्तारियां भी हुई थी। साथ ही हस्ताक्षरित चेक किसानों के आधार कार्ड व अन्य कागजात सबूत के तौर पर मिले थे। लेकिन इसका सरगना शंभू गुप्ता उसी दिन से फरार है। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने पचीस हजार रुपये का इनाम रखा है। लेकिन अभी तक उस जालसाज की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है तथा पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान उठ रहे हैं।

किसानों के साथ सबसे बड़ा घोटाला, सुस्त पड़ी पुलिस
यदि हम इस घोटाले की बात करें तो प्रदेश में किसानों के साथ हुआ यह जालसाजी कारनामा सबसे बड़ा है। इसके बावजूद पुलिस अभी तक सुस्त पड़ी है। यदि ऐसा नहीं है तो हफ़्ते भर बीत जाने के बावजूद मास्टरमाइंड जालसाज पुलिस की गिरफ्त से अब तक दूर कैसे है?

ऑनलाइन केन्द्र समझ पहुंची पुलिस, मिला बड़ा कारनामा
जनपद पुलिस जालसाजी सेंटर समझ कर धान ऑनलाइन केंद्र पर पहुंची थी लेकिन वहां पहुंचने पर जालसाजी का बहुत बड़ा केंद्र मिला। जहां पूरे जिले की किसानों के साथ छलावा किया गया।

मुख्यालय के समीप ही फल फूल रहा था ठगी का धंधा
समझ में नहीं आ रहा कि जहां से समूचे जनपद के किसानों के साथ छलावा का यह धंधा फल फूल रहा था वह जनपद मुख्यालय से महज आठ की०मी० दूरी पर स्थित है। यही नहीं जालसाजी का धंधा जनपद मुख्यालय से मंडल मुख्यालय की ओर जाने वाली सड़क के किनारे शिकारपुर चौराहे पर फल फूल रहा था। जहां से जिले के आला अधिकारी होकर गुजरते हैं। फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी। यह केंद्र सड़क के सटे हैं।


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