कुशीनगर: खाकी में दिखी इंसानियत, धधकते पेट की ज्वाला को दी राहत

कुशीनगर: भले ही खाकी की जिक्र होते ही मन में भय का भाव पैदा करने वाली पुलिस की तस्वीर उभरती है। लेकिन अगर यह तस्वीर बदलती नजर आए और इंसानियत दिखाते हुए खाकी वर्दी धारी फरियादी के साथ इंसानियत का मरहम लगाए तो खाकी को पुलिस मित्र कहना सरकार का फरमान असरदार दिखने से कोई रोक नहीं सकता।

यह केवल कहने की बात नहीं बल्कि कुशीनगर जनपद की कोतवाली पडरौना की तस्वीर है। फरियाद लेकर साहब के पास आने वाली एक बुढ़िया को जब पेट की धधकती ज्वाला ने इस तरह सड़क पर बैठकर रोने गिड़गिड़ाने के सिवाय जब कुछ नहीं छोड़ा। राहगीर आते गए। महिला को दरकिनार कर आगे बढ़ते गए तो अचानक साहब का इस ओर नजर दौड़ा और उनमें मानवता इस कदर  देखने को मिली कि बूढ़ी फरियादी महिला के पास आकर बैठ गए, चेहरे की मायूसी देखी और भूख से तड़पता देख पिघल  गए और बुढ़िया को अपनी मां के समान बगल में बैठा कर भोजन कराया, पानी पिलाया।

बुढ़िया धन्य हो गई उसकी फरियाद भूल गई और वह साहब को धन्य धन्य कहती रह गई। यह देख अन्य फरियादी  साहब की इस कृत्य से काफी खुश महसूस करने लगे। राहगीरों को भी साहब की यह करतूत पसंद आई और पुलिस को अच्छे नजरिए से देखने लगे। बदनाम खाकी को आबाद देखने लगे। सभी साहब को धन्य कहने लगे । यह साहब कोई और नहीं बल्कि कोतवाल अनुज कुमार सिंह रहे। यह संवाददाता भी संयोग से उसी रास्ते जा रहा था जब साहब बगल में बैठ कर बुढ़िया को भोजन करा रहे थे। बुढ़िया  के साथ खाकी देखकर रुका पूछने पर पता चला साहब कोतवाल है। साहब सराहनीय पहल चारों तरफ चर्चा का विषय बन गया।

Comments