गोरखपुर: चालीस मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर नकहां स्टेशन पहुंची जीवनदायिनी एक्सप्रेस

गोरखपुर: कोरोना संक्रमण से जंग लड़ रहे मरीजों के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर जमशेदपुर से चालीस मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर जीवनदायिनी एक्सप्रेस विश्व के सबसे लंबे प्लेटफार्म गोरखपुर स्टेशन पहुंची। ऐसा होते ही अधिकारियों सहित कोरोना संक्रमित मरीजों ने राहत की सांस ली। गोरखपुर स्टेशन होते हुए जीवनदायिनी एक्सप्रेस नकहा स्टेशन पहुंची जहाँ जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन सहित अन्य आला अधिकारियों ने जीवनदायिनी एक्सप्रेस का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और ऑक्सीजन को रिसीव किया। इतनी बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन आने से  गोरखपुर सहित आसपास के अन्य जनपदों में लिक्विड ऑक्सीजन की कमी अब दूर हो जाएगी। जिससे ऑक्सीजन पीड़ित मरीजों को राहत मिलना प्रारंभ हो जाएगा। अब पूर्वांचल के संक्रमित मरीजों को आक्सीजन की कमी के कारण जान नहीं गवानी पड़ेगी। 

जानकरी के अनुसार आक्सीजन एक्सप्रेस दुर्गापुर से बीस-बीस टन क्षमता वाले दो टैंकर में चालीस टन लिक्विड आक्सीजन लेकर शुक्रवार की रात 11.50 बजे के आसपास गोरखपुर के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन वाराणसी-मऊ-भटनी और देवरिया होते हुए करीब 840 किमी की दूरी तय कर लगभग 12 घंटे में गोरखपुर जंक्शन के लाइन नंबर तीन पर आकर खड़ी हो गई। गोरखपुर में दो मिनट रुकने के बाद यह ट्रेन नकहा जंगल के लिए रवाना हो गई और 12.10 बजे नकहा जंगल स्टेशन के पार्सल यार्ड में पहुंच गई। इस दौरान जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन, एडीएम राजेश सिंह और गोरखपुर जंक्शन के प्रबंधक मुकेश सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ट्रेन के टैंकर से आक्सीजन निकालने की प्रक्रिया शुरू कर जरूरतमंद स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ऑक्सीजन पहुंचाया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में अब आक्सीजन का संकट समाप्त हो जाएगा। दरअसल संक्रमित लोगों के स्वजन आक्सीजन को लेकर काफी दिनों से परेशान थे।

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