महराजगंज: 'युवाओं की यूपी' मुहिम के तहत हुई 'डिजिटल पंचायत', गूँजा 'पढ़ाई कमाई दवाई' का मुद्दा

महराजगंज: देश में बेरोज़गारी को राष्ट्रीय बहस बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा नेता अनुपम की अपील पर 'पढ़ाई कमाई दवाई' का मुद्दा जमकर गूँजा। मौका था राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित डिजिटल पंचायत का जिसमें कई जाने माने लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन अनुपम के अलावा 'युवा हल्ला बोल' के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा और महासचिव रजत यादव द्वारा किया गया। देश के भूतपूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त यशोवर्धन आज़ाद, अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा, लेखक सुधींद्र कुलकर्णी और अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई जानेमाने लोगों ने पंचायत में हिस्सा लिया।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के चुनावी विमर्श के केंद्र में युवाओं का एजेंडा लाने के लिए 'युवाओं की यूपी' अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद जयंती पर बेरोज़गार युवाओं ने 'पढ़ाई कमाई दवाई' के सवालों को मजबूती से उठाया है।

इस मौके पर अनुपम ने कहा कि हर युवा को स्वामी विवेकानंद के जीवन से धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की प्रेरणा लेनी चाहिए। साथ ही भेद भाव से मुक्त एक बेहतर समाज निर्माण में अपना जीवन झोंक देना चाहिए। आज के इस दौर में स्वामी विवेकानंद की प्रासंगिकता और भी बढ़ गयी है जब धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति का बोलबाला बढ़ गया है।
इस पंचायत के बारे में जिलाध्यक्ष अशफ़ाक खान ने कहा कि उक्त आयोजन महराजगंज में ही होने वाला था सारी तैयारी हो चुकी थी लेकिन चुनाव आयोग के निर्देश पर इस युवा पंचायत को डिजिटल करना पड़ा। इस पंचायत को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओ के हक़ की लड़ाई जारी रहेगी। इस 2022 के विधानसभा चुनाव में युवा हल्ला बोल का प्रयास है कि चुनाव का मुख्य मुद्दा पढ़ाई कमाई दवाई बने।


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